राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के महासचिव ने लंबित मामलों की रिपोर्ट में तेजी लाने के लिए यूपी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की



नई दिल्ली, 20 जुलाई, 2021

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आज राज्य से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए, श्री बिंबाधर प्रधान, महासचिव, एनएचआरसी ने एक पखवाड़े के भीतर 113 मामलों में रिपोर्ट प्राप्त न होने की संख्या को 78 तक लाने के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने उनसे इस माह के अंत तक वर्ष 2018 तक की शेष सभी 78 लंबित मामलों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया ताकि आयोग को इन मामलों को उचित दिशा-निर्देशों के साथ शीघ्रता से निपटाने में मदद मिल सके।

श्री प्रधान ने कहा कि इस वर्ष अगस्त के तीसरे सप्ताह में होने वाली आगामी वीडियो कांफ्रेंस में वर्ष 2019 तक के लंबित प्रकरणों में उत्तर प्रदेश सरकार से अपेक्षित प्रतिवेदन प्राप्त न होने की स्थिति की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में रहती है, तो नवंबर, 2021 में उत्तर प्रदेश में आयोग के एक शिविर की बैठक पर विचार किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग ने बताया कि 113 में से 70 मामलों में अपेक्षित रिपोर्ट एचआरसी नेट पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है और आश्वासन दिया है कि शेष मामलों में रिपोर्ट एक माह के भीतर अपलोड कर दी जाएगी। न्यायिक और पुलिस हिरासत में हुई मौतों से संबंधित मामलों में लंबित रिपोर्ट के बारे में आयोग के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसे 26 मामलों में मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

एनएचआरसी की ओर से श्री प्रधान, महानिदेशक (अन्‍वेषण), श्री संतोष मेहरा, डीआईजी (अन्‍वेषण) श्रीमती मंजिल सैनी, उप रजिस्ट्रार (विधि) सह नोडल अधिकारी यूपी, श्री ओ. पी. व्यास और वरिष्ठ तकनीकी निदेशक के अलावा, बैठक में वरिष्‍ठ तकनीकी निदेशक, एनआईसी एनएचआरसी, श्री हरदीप सिंह होरा ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से श्री अवस्थी के अलावा संबंधित विभागों के डीजी, एडीपी और प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

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