एनएचआरसी द्वारा मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस कर्मियों द्वारा एक सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के मृत शरीर को नहर में फेंके जाने की सूचना पर बिहार सरकार को नोटिस



प्रेस विज्ञप्ति

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर, 2023

एनएचआरसी द्वारा मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस कर्मियों द्वारा एक सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के मृत शरीर को नहर में फेंके जाने की सूचना पर बिहार सरकार को नोटिस

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, एनएचआरसी, भारत ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में तीन पुलिस कर्मियों द्वारा एक सड़क दुर्घटना पीड़ित के मृत शरीर को नहर में फेंकने के बारे में मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लिया है। कथित तौर पर, घटना का वीडियो फुटेज वायरल होने के बाद यह घटना सामने आई।

आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री, यदि सत्य है, तो यह मृतक के मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन है। किसी व्यक्ति की मृत्यु से उसके मानवाधिकार खत्मअ नहीं हो जाते। मृतक भी सम्मानजनक व्यवहार के पात्र हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रथम दृष्टया, इस मामले में पुलिस कर्मियों ने मानवीय मूल्यों का उल्लंघन करके असभ्यतापूर्ण कार्य किया है।

तदनुसार, आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई भी शामिल होनी चाहिए जो अमानवीय तरीके से एक शव के अपमान के लिए जिम्मेदार थे तथा शवों की मानवीय गरिमा और अधिकारों के संरक्षण के लिए 14 मई 2021 को जारी एनएचआरसी परामर्शी के कार्यान्वयन पर राज्य द्वारा उठाए गए कदम भी शामिल होने चाहिए। परामर्शी में शवों के संरक्षण के साथ-साथ गरिमापूर्ण तरीके से दाह संस्कार/दफनाने सहित शवों के निपटान में मानवीय दृष्टिकोण के साथ पालन किए जाने वाले आवश्यक प्रोटोकॉल शामिल हैं।

8 अक्टूबर, 2023 को प्रसारित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो में दो पुलिसकर्मियों को मुजफ्फरपुर जिले के फकुली चौकी क्षेत्र में एक दुर्घटना के शिकार व्यक्ति के खून से लथपथ शरीर को नहर में फेंकते हुए तथा तीसरे पुलिसकर्मी को इस कार्य में उनकी मदद करते देखा गया है।

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